प्यार की दुनिया की ,
पगली सी कहानी है।
राधा भी दीवानी थी,
मीरा भी दीवानी है1
कॉलेज के किस्सों के ,
जो ना शहर में चर्चे हों,
कैसा वो लड़का है?,
कैसी वो जवानी है?
गौर से देख रहे हो ,
क्यों मेरे कपड़ों को?
शर्ट तो नयी है बिलकुल,
बस यह पैंट पुरानी है।
बारिश ने धरती की
लो प्यास बुझा डाली, (
मस्त सी कलियाॅ हैं,
और घास भी धानी है।
दो दीवाने जब हद से
गुजर जाएगे ।
दिलों के मिलन की
शब ये सुहानी है।
पीने वाले तो
ऑखों से भी पी लेते हैं ।
किस्सा झिलमिलाती
ऑखों की जुबानी है।
;अशोक मधुप
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