Thursday, 5 September 2024

जय बाबा बजरंगी जी

 जय बाबा बजरंगी जी !

करदो दुनिया चंगी जी।

बड़े लोगों की दिल्ली ये,

और बड़ी रजधानी जी

इसमें  सांसे लेने को,

 शुद्ध हवा की तंगी जी।

किससे मन की बात कहें?

किसके संग बैठेंखाएं?

धीरे- धीरे छूट रहे हैं,

अपने साथी -संगी जी।

जाने कैसे खेल कराए?

जाने कैसे नाच नचाये?

राजनीति से बचना तुम,

ये है पूरी नंगी जी।

-अशोक मधुप

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