Thursday, 5 September 2024

जय जय राम रमैया जी

 जय जय राम रमैया जी,

यूपी वाले भैया जी !

शहर-शहर गौशाला जब,

सड़कों पर क्यों गैया जी।

अधिकारी तो सुनते ना,

सूखे ताल- तलैया जी।

 अब प्रधान ही  लूट रहे,

जमकर माल मलैया जी।

ये कलजुग है होगा सब,

तू क्यो रोवे भैया जी ?

सारे चौकीदार यहाँ ,

फिर क्यों डूबी नैया जी ?

देख जमाने की लिप्सा,

रोवे नोट रुपैया जी।

सब मस्ती में मस्त हुए,

सबकी ताता थैया जी।

मैं भी लूटूंतू भी लूट,

मत चिंता कर भैया जी।

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