Thursday, 5 September 2024

जीवन एक अविराम यात्रा है

 

जीवन एक अविराम यात्रा है

कभी सरल तो,कभी दुर्गम है ।

 कुछ पगडंडियाॅ इसकी सॅकरी

तो अनेक मोड़ विकट हैं ।

 मानव की यह विडंबना है,

हालात और परिस्थितियों से उसे जूझना है। 

पर मन में एक परिवर्तन है,

नहीं पूर्व सा दुर्बल है ।

 शायद अनुभवों ने सिखाया है 

 या पथ के कंटकों ने सबल बनाया है ।

 कभी खराब हालात

विपरीत परिस्थितियाॅ डराती थीं

घबराती थीं। हतोत्साहित करती थीं। 

जी करता था, इनसे जान बचाओ,

सब छोड़कर भाग जाओ। 

पता नहीं अब क्या हुआ

अब कैसे भी हालात और परिस्थितियाॅ होती हैं

एक बार विचलित तो करती हैं,

किन्तु डराती नहीं। 

विपरीत हालात से लड़ने,

जूझने का हौंसला और बढ़ातीं हैं।

 नया सोचने को मजबूर करतीं हैं। 

अंधेरी सुरंग से निकलने के उपाय बतातीं है।

 मुझे और आगे चलाती हैं,

मार्ग दिखाती हैं , आगे बढ़ातीं हैं।

 मंजिल तक ले जाती हैं । 

;अशोक मधुप

9:20 pm

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